Vijay Wadettiwar ने उठाया सवाल: OBC Reservation पर सरकार का GR, सर्वदलीय बैठक की मांग

By sagarthakur863

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Vijay Wadettiwar speaking on OBC reservation issue in Maharashtra

मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार गरमा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मराठा समाज के लिए एक सरकारी आदेश (GR) जारी किया। इस GR में “पात्र (eligible)” शब्द हटाए जाने को लेकर विपक्षी नेताओं ने नाराज़गी जताई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने आरोप लगाया कि इस आदेश से OBC वर्ग के अधिकारों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से एक सर्वदलीय बैठक (all-party meeting) बुलाने की मांग की है, ताकि इस विवाद पर सभी पक्ष खुलकर अपनी राय रख सकें।


Government GR पर Opposition की आपत्ति

वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार द्वारा जारी GR से यह साफ नहीं है कि मराठा समाज को आरक्षण का लाभ किस तरह मिलेगा। हैदराबाद राजपत्र (Hyderabad Gazette) में केवल 9 लाख कुनबी और 22 लाख मराठा परिवारों का उल्लेख है। इसमें किसी भी उपनाम या विशिष्ट नाम की स्पष्टता नहीं है।

उनके मुताबिक, “योग्य” शब्द हटाए जाने से यह आशंका और गहरी हो गई है कि Maratha community को OBC quota के तहत reservation दिया जाएगा, जिससे OBC समाज के वास्तविक हक़दारों के अधिकार प्रभावित होंगे।


Manoj Jarange की भूमिका और सरकार का कदम

Maratha reservation आंदोलन के नेता मनोज जारंगे (Manoj Jarange) ने मुंबई के आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। सरकार ने GR जारी कर उनकी मांगों पर कदम बढ़ाया, जिसके बाद जारंगे ने अनशन वापस लिया।

लेकिन इस फैसले के बाद से ही राजनीतिक विवाद (political controversy) और गहरा गया है।

  • NCP नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की चेतावनी दी है।
  • कांग्रेस ने भी सरकार पर OBC community के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।

Vijay Wadettiwar का बयान

वडेट्टीवार ने कहा:
👉 “मराठा समाज के गरीब और वंचित वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार ने EWS quota भी लागू किया था। लेकिन अब OBC कोटे के साथ छेड़छाड़ हो रही है। जातिवार जनगणना (caste census) कराना ही सबसे उचित रास्ता है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि Rahul Gandhi ने पहले ही जातिवार जनगणना कराने की बात स्पष्ट रूप से कही है।


Babanrao Taywade पर हमला

OBC महासंघ के नेता बबनराव तायवाड़े (Babanrao Taywade) पर भी विजय वडेट्टीवार ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तायवाड़े का रुख़ अब पहले जैसा नहीं रहा।

  • तायवाड़े का कहना है कि GR से OBC को कोई नुकसान नहीं होगा।
  • जबकि वडेट्टीवार का आरोप है कि तायवाड़े अब सरकार के नज़रिए से बोल रहे हैं, न कि समाज के हक़ में।

इसी वजह से उन्हें OBC बैठक में आमंत्रित भी नहीं किया गया।


सर्वदलीय बैठक की मांग

वडेट्टीवार ने मुख्यमंत्री से कहा कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए

  • इस बैठक में सभी पक्षों की राय सामने आएगी।
  • सरकार को स्पष्ट करना होगा कि GR से OBC समाज को नुकसान नहीं होगा।
  • अगर सरकार का पक्ष सही निकला, तो कांग्रेस जनता को यह संदेश देने में पीछे नहीं हटेगी।

Political Significance

यह विवाद केवल reservation तक सीमित नहीं है, बल्कि Maharashtra politics में बड़ी हलचल मचा रहा है।

  • BJP और Shinde Sena नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
  • Opposition लगातार इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
  • Maratha और OBC समाज दोनों की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार के लिए यह सबसे बड़ा balancing challenge है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Vijay Wadettiwar का आरोप और सर्वदलीय बैठक की मांग यह साफ़ करती है कि Maratha reservation issue आने वाले समय में और बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।
अगर सरकार ने पारदर्शी तरीके से इस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो OBC वर्ग में असंतोष और बढ़ सकता है।

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